Wednesday, July 8, 2009

कोई तो है शेर इस देश में जो दहाड़ना जानता है


दोस्तों,

पिछले दिनों माननीय उच्च न्यायलय ने एक बेहद्द संवेदनशील फैसला होमोसेक्स के निस्बत दिया जिसकी गूँज सारे देश में बड़े जोरो से सुनी जा रही है / पश्चिमी देशो की तरज पर होमोसेक्स अब भारत में में भी बड़े शानोशोकत से कानूनी पहनावे में सज्ज ध्ज्ज कर अपने लिए, अपने अस्तित्व के लिए जगह पाने के लिए तैयार है /यधपि अब से पहले समाज में यह व्याप्त तो था परन्तु था ये डरा सहमा सा क्योकि होमोसेक्स का अस्तित्व बखूबी ख़ुद को बुराई ही मानता रहा है / कोई नेक अस्तित्व हो तो उसे डरे सहमे होने की जरूरत नही होती/ डरते वो है जो बुरे है परन्तु जिस बेशर्मी से फैसला आने के बाद लेस्बियन जमात ने अपने संगियों से चिपट कर -चूम कर अपनी खुशी का इजहार किया है यह आगामी भारत की और उसके नए शक्ल लेते समाज की भावी दुखद तस्बीर बयान होती है / कानूनी बाधा के दूर होजाने के बाद वो समय दूर नही की माता पिता अपने बच्चो के सामने मजबूर खड़े होंगे /
किसी भी अस्तित्व को हमारा समाज अपने मानक नियमो के आधार पर ही स्वीकारता चला आ रहा है /जिस की उत्पादकता नगण्य और बुराई ज्यादा है वो चीज चाहे जितने जोर से समाज में जगह बनाने की कोशिश कर ले उसको असफल तो होना ही होगा/ बस यही वो बात है जो सभ्य समाज को तसल्ली रखने को कहती है अन्यथा अब तक तो देश समाज का गुस्सा फुट पड़ना चाहिए था /इससे पहले की समाज में एड्स जैसी भयानक बीमारिया अपनी गंध फैलाये भारत के एक बीर सपूत ने युद्ध का बिगुल फूंक दिया है / यानि पूजनीय बाबा राम देव ने सर्वोच्च न्यायालय में होमोसेक्स के पक्ष में दिए गए फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है / देश के सच्चे सपूत है बाबा राम देव/ इस शेर की दहाड़ ने बता दिया है की उन जैसे शेरो के रहते भारतीयता का नाश नही होसकता फ़िर भले ही देश की अंधी बहरी सरकार सोयी क्यो न पड़ी रहे /जो कार्य निजाम का है वो कार्य एक सन्यासी को अंजाम देना पड़ रहा है / बाबा राम देव के पीछे सारे देश को गोलबंद होना चाहिए ताकि पश्चिमी सभ्यता की देन यह बुराई हमारे देश में जड़े ना फैला सके अन्यथा समाज का नाश सुनिश्चित है /थैंक्स/