Monday, June 8, 2009

दो जोड़ दो क्या छ होते है ?


हम ने स्कूल में पढा था दो जोड़ दो =चार होते है , यह फार्मूला शायद लोग भूल गए है तभी तो अशोक जाडेजा का पढाया पाठ लोगबाग पढने लगे की दो जोड़ छः होता है और अपना घर बार बेच कर २२ लाख उसे ६६ लाख की आस में सुपुर्द कर दिए और जवाब जो मिला सारी दुनिया जानती है /१८ एजेंटो के माध्यम से अशोक जाडेजा दिल्ली हरियाणा राजस्थान जम्मू काश्मीर मध्य प्रदेश से प्रतिदिन लाखो की वसूली करी जिसके फलस्वरूप वो १८ शानदार गाडियो में ३५-४० लोगो के हुजूम के साथ दनदनाता फिरता था /
मेरी बहस उसके खालिस कारगुजारी भरे पेशे से बिलकुल नही है , उसने जो राह चुनी वो रास्ता दोजख में ही खुलता है बल्कि मेरी टसल की वजह उसके धार्मिक मुखोटे की वजह से है जो उसने हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया /ये वो मामला है जो एक इज्जतदार बाप और बदमाश बेटे जैसा होता है /बदमाश बेटा बाप के नाम और इज्जत के सहारे अपनी कारगुजारियों को अंजाम देता जाता है /
मामले में जो गहन विचार से जो बात खूब सलाती है वो है मिडिया और लोगो ने इसे धार्मिक नजरिये से चूक के तौर पर बताया जो निहायत ही वाहियात बात है -यदि भगवान के नाम पर ही धन मिलता तो उस पाकिस्तानियों का क्या जो अपना धन दूना कराने सीमा पर से आए थे , नही वो किसी देवी या देवता की कृपा या अल्लाह की इनायत के नाम पर धन लुटाने नही बल्कि धन की हवस ने उनके आँखों पर पट्टी बाँध दी थी /
भगवान ने किस शास्त्र में कब कहा है की मै स्वयं या मेरे अधिकृत बन्दो के माध्यम से मैं लोगो का धन तिन गुना कर दूंगा /
बड़े ही कुविवेकी है वो लोग जो धन की हवस में जायज और नाजायज राह भूल जाते है /
शाश्त्रो में देखा और पढ़ा की प्रभु का नाम लेकर बड़े बड़े पापी अपने पापो की छमा पा जाते है परन्तु अशोक जाडेजा ने प्रभु का नाम लिया तो बांकी जिंदगी बड़े जेल में गुजारे गा /