Wednesday, July 22, 2009

विमानन कंपनी द्वारा किया अपमान डॉक्टर कलाम का व्यक्तिगत मामला नही है जो जैसे चाहे माफ़.....

२१ अप्रेल २००९ का दिन कोई मामूली दिन नही गिना जाना चाहिए /
इस दिन भारत की राजधानी दिल्ली में देश के प्रथम नागरिक रह चुके देश रत्ना भूत्पूर्ब राष्ट्र पति डॉक्टर अब्द्दुल कलाम आजाद को अमेरिकी विमानन कंपनी ने जानबूझ कर भारत की धरती पर ही जी भर कर जल्लिल किया वो भी तलाशी के नाम पर / मिडिया ने जी भर कर विमानन कंपनी को और बेदम होचुकी सरकार को कोसा और डॉक्टर कलाम को इस बात के लिए इज्जत से नवाजा की सराहनीय रूप से अति विनम्र डॉक्टर कलाम को नाहक ही हलकान किया गया जब की उन्होंने उफ़ तक नही की और ना ही तिन महीनो तक किसी को ख़बर लगने दी / ये तो दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अंग्रेजी दैनिक अखबार ' मेल टू डे ''की करामात थी जो भंडा फोड़ हो गया और सरकार की थूथू हो गई / सारे प्रसंग में डॉक्टर कलाम की विनम्रता को हम हाँथ जोड़ कर कबूलते है परन्तु उनकी चुपी दिल तोड़ जाती है उन्हें समझना चाहिए था की यह उनका व्यक्तिगत मामला नही था बल्कि देश का सर्वोच्च सम्मान उनके साथ जुड़ा हुआ है इसलिए उनका अपमान देश का अपमान है / और अब वो दूसरी गलती माफ़ी देकर न करे और ना ही उनके माफ़ी देने से मामला खत्म नही होना चाहिए बल्कि बा कायदा कंपनी पर मुकद्दमा चले और अपमान की पूर्ति जायज लगने वाली सजा से होनी चाहिए ताकि दूसरी बार कोई अंग्रेज देश हिंदुस्तान की अस्मत अपने हांथो से टटोलने की हिकमत ना जुटा पाए क्योकि सम्मान ही सब कुछ है और बिना सम्मान देश या जीवन व्यर्थ है /थैंक्स/

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